मेरठ। हिंदू युवती के कथित अपहरण और छेड़छाड़ के मामले ने उस समय चौंकाने वाला मोड़ ले लिया, जब पुलिस जांच में पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित साजिश निकला। जिन दो मुस्लिम युवकों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, वे जांच में निर्दोष साबित हुए, जबकि पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड नकुल नामक युवक फरार हो गया है।
मामले की शुरुआत उस वक्त हुई जब पुलिस को सूचना मिली कि एक हिंदू युवती का अपहरण कर उसके साथ अभद्रता की गई है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और जीशान व शावेज नाम के दो युवकों को हिरासत में ले लिया। युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां होश आने के बाद उसने जो बयान दिया, उसने पूरी कहानी ही पलट दी।
युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान नकुल नामक युवक से थी, जिसने उसे नौकरी दिलाने और आर्थिक मदद का लालच दिया था। युवती के अनुसार, नकुल ने ही उसे जीशान और शावेज की कार में बैठाया और बाद में पुलिस को फोन कर दोनों युवकों पर अपहरण व छेड़छाड़ के आरोप लगाते हुए फर्जी कहानी गढ़ दी।
पुलिस के सामने युवती ने खुलासा किया कि नकुल पहले से ही दोनों युवकों को किसी मामले में फंसाने की योजना बना रहा था। इसी उद्देश्य से उसे उनकी कार में बैठाया गया था। बदले में उसे पैसे देने का भी लालच दिया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की और सभी संबंधित लोगों से गहन पूछताछ की। जांच में सामने आया कि दोनों मुस्लिम युवक युवती को पहले से जानते तक नहीं थे। उनका दावा था कि युवती को उनकी कार में नकुल ने ही बैठाया था, जो बाद में सही साबित हुआ।
सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच और युवती के बयान से स्पष्ट हुआ है कि नकुल ने पूर्व नियोजित तरीके से युवती को दोनों युवकों के साथ भेजा था। बाद में युवकों ने उसे रिंग रोड क्षेत्र में छोड़ दिया था। मामले में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी नकुल की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमें गठित की हैं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने उन सवालों को भी जन्म दे दिया है कि आखिर किस मकसद से दो युवकों को एक गंभीर मामले में फंसाने की कोशिश की गई।
जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जाएगा।
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