मेरठ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) की मेरठ यूनिट ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह की कमर तोड़ते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मंगलवार देर रात भावनपुर थाना क्षेत्र के परीक्षितगढ़ रोड पर घेराबंदी कर एसटीएफ ने लग्जरी कारों की तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया। इनके पास से बरामद गाड़ियाँ दिल्ली-NCR से चोरी की गई थीं, जिन्हें फर्जी कागजातों के सहारे जम्मू-कश्मीर में बेचा जा रहा था।
कैसे हुआ खुलासा?
एएसपी बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन में एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि एक 'ग्रैंड विटारा' (UP-15-ER-8804) में सवार होकर कुछ तस्कर मेरठ रिंग रोड से गुजरने वाले हैं। सटीक सूचना पर उप-निरीक्षक प्रमोद कुमार और दुर्वेश डबास की टीम ने जाल बिछाया और कार को रुकवा लिया।
आरटीओ के पास दुकान, वहीं बनता था 'फर्जीवाड़ा'
पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त इफ्तकार इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसकी आरटीओ ऑफिस के पास दुकान है और वह दलाली का काम करता है। वह चोरी की गाड़ियों के लिए 1.5 से 2 लाख रुपये लेकर फर्जी आरसी (RC) तैयार करता था।
पूरा नेटवर्क: मेरठ से श्रीनगर तक
अभियुक्त दानिश और संचित तिवारी ने बताया कि वे असलम और तरीकत उर्फ चाचा से चोरी की गाड़ियाँ सस्ते में खरीदते थे। इसके बाद कश्मीर के साजिद नजीर भट्ट के जरिए इन गाड़ियों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। हाल ही में इन्होंने दिल्ली से चोरी हुई एक क्रेटा कार साढे चार लाख रुपये में श्रीनगर में बेची थी।
إرسال تعليق