Top News

मेरठ: थाने के अंदर ही 'रंगे हाथ' धरा गया दरोगा, ₹10,000 की घूस लेते एंटी करप्शन ने सिखाया सबक:थाना पल्लवपुरम

यहाँ आपके ब्लॉग के लिए एक प्रभावी समाचार आलेख (News Script) तैयार है:
# **मेरठ: थाने के अंदर ही 'रंगे हाथ' धरा गया दरोगा, ₹10,000 की घूस लेते एंटी करप्शन ने सिखाया सबक**
**मेरठ |** उत्तर प्रदेश पुलिस की साख पर एक बार फिर बट्टा लगा है। मेरठ के पल्लवपुरम थाने में तैनात दरोगा छत्रपाल सिंह को एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह है कि आरोपी दरोगा अभी नया-नवेला (2023 बैच) है, लेकिन भ्रष्टाचार के दलदल में उसकी पैठ पुरानी नजर आई।
### **केस रफा-दफा करने के लिए मांगी थी 'मोटी रकम'**
पूरा मामला **NDPS (नशीले पदार्थ) एक्ट** के एक पुराने मुकदमे से जुड़ा है। शिकायतकर्ता, जो मेडिकल थाना क्षेत्र का निवासी है, ने आरोप लगाया कि दरोगा छत्रपाल सिंह केस में राहत देने और चार्जशीट को हल्का करने के बदले मोटी रकम की डिमांड कर रहा था।
बार-बार की जा रही मांग से परेशान होकर पीड़ित ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन (Anti-Corruption Bureau) की शरण ली। टीम ने शिकायत की पुष्टि की और दरोगा को जाल में फंसाने के लिए एक सुनियोजित रणनीति तैयार की।
### **थाने की तीसरी मंजिल पर 'ट्रैप'**
एंटी करप्शन टीम के अनुसार, गिरफ्तारी का मंजर किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था:
 * **लोकेशन:** पल्लवपुरम थाने की तीसरी मंजिल पर स्थित दरोगा का कमरा।
 * **कार्रवाई:** जैसे ही पीड़ित ने दरोगा छत्रपाल को केमिकल लगे ₹10,000 के नोट थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उसे दबोच लिया।
 * **नतीजा:** नोटों के संपर्क में आते ही जब दरोगा के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण है।
### **आरोपी का प्रोफाइल**
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| **नाम** | छत्रपाल सिंह |
| **बैच** | 2023 बैच (सब-इंस्पेक्टर) |
| **निवासी** | ग्राम लाभेड़ा दुर्गाप्रसाद, मीरगंज, बरेली |
| **वर्तमान तैनाती** | थाना पल्लवपुरम, मेरठ |
### **विभाग में हड़कंप, कानूनी शिकंजा कसा**
थाने के भीतर हुई इस छापेमारी से पुलिसकर्मियों में अफरातफरी मच गई। साथी दरोगा की गिरफ्तारी देख कई पुलिसकर्मी मौके से खिसकते नजर आए। आरोपी के खिलाफ **भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act)** के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे कंकरखेड़ा थाने ले जाकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
> **बड़ा सवाल:** मेरठ में पिछले कुछ समय से पुलिसकर्मियों पर गिरती एंटी करप्शन की गाज ने विभाग के भीतर अनुशासन और ईमानदारी पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्या खाकी की चमक अब चंद रुपयों की लालच में फीकी पड़ रही है?
**ऐसी ही ताज़ा खबरों के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें और इस खबर पर अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करें।**

Post a Comment

أحدث أقدم