मेरठ, उत्तर प्रदेश — बुधवार की सुबह मेरठ कचहरी परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अज्ञात कॉल ने पूरे प्रशासनिक अमले के होश उड़ा दिए। फोन करने वाले ने दावा किया कि कचहरी परिसर को बम से उड़ा दिया जाएगा। इस एक कॉल ने न केवल कामकाज ठप कर दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रमुख बिंदु: क्या हुआ और कैसे?
- अज्ञात कॉल से मची खलबली: बुधवार सुबह एक कॉल आई जिसमें कचहरी को निशाना बनाने की बात कही गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना देरी किए मोर्चा संभाल लिया।
- इलाका सील, चप्पे-चप्पे पर नजर: एहतियात के तौर पर मुख्य गेट सहित सभी प्रवेश मार्गों को तुरंत बंद कर दिया गया। परिसर के भीतर मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और फरियादियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- सर्च ऑपरेशन जारी: मौके पर बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वायड की टीमें पहुंच चुकी हैं। कचहरी के हर कोने, दफ्तरों और पार्किंग एरिया की गहन तलाशी ली जा रही है।
कामकाज ठप, जनता परेशान
अचानक हुई इस कार्रवाई से अदालत का कामकाज पूरी तरह रुक गया है। दूर-दराज से आए लोग और वादी-प्रतिवादी परेशान दिखे। पुलिस ने सुरक्षा घेरा इतना कड़ा कर दिया है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है।
"हम मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं और फिलहाल सर्विलांस के जरिए उस नंबर को ट्रेस किया जा रहा है जिससे धमकी दी गई थी।" — स्थानीय पुलिस अधिकारी
पुरानी यादें और नई चुनौतियां
यह पहली बार नहीं है जब मेरठ कचहरी को ऐसी धमकी मिली है। अतीत में भी कचहरी को निशाना बनाने की कोशिशें और धमकियां मिल चुकी हैं, जिसके कारण प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
पुलिस की अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे:
- अफवाहों पर ध्यान न दें।
- शांति बनाए रखें और सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करें।
- किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति को देखने पर तुरंत सूचित करें।
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