उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति एक बार फिर धरातल पर दिखाई दी है। आज, 1 अप्रैल 2026 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात उधम सिंह गैंग को पुलिस ने एक तगड़ा झटका दिया है। मुरादाबाद के सिविल लाइन इलाके में हुई एक भीषण मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने गैंग के शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी को धर दबोचा। मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश की मौत हो गई
[मुठभेड़ का विवरण]
एसटीएफ (STF) फील्ड यूनिट मेरठ और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त टीम को इस कुख्यात अपराधी की लोकेशन मिली थी। जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो अपराधी ने खुद को घिरा देख फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आशु उर्फ मोंटी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।जहां इलाज के दौरान आशु उर्फ मोंटी की मृत्यु हो गई है
[रंगदारी और आतंक का पर्याय]
बता दें कि आशु चड्ढा उर्फ मोंटी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह मुरादाबाद के ही एक व्यवसायी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहा था। उसके आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उस पर हत्या, डकैती और लूट जैसे जघन्य अपराधों के कुल 36 मुकदमे दर्ज हैं।
[अपराध की दुनिया का सफर]
आशु की अपराध कथा साल 2010 में शुरू हुई थी, जब वह एक हत्या के मामले में पहली बार जेल गया। जेल के भीतर ही उसकी मुलाकात उधम सिंह गैंग के सदस्यों से हुई। जमानत पर बाहर आने के बाद, उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और उधम गैंग का मुख्य शार्प शूटर बन गया। हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद और बुलंदशहर समेत कई जिलों में उसका खौफ था।
[बरामदगी की सूची]
पुलिस ने मौके से हथियारों का जखीरा बरामद किया है, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं:
- 01 स्विफ्ट कार (अपराध में प्रयुक्त)
- 01 पिस्टल (.32 बोर फैक्ट्री मेड - ऑर्डिनेंस)
- 01 रिवॉल्वर (.32 बोर फैक्ट्री मेड - ऑर्डिनेंस)
- 01 बंदूक (12 बोर फैक्ट्री मेड - ऑर्डिनेंस)
- भारी मात्रा में खोखा और जिंदा कारतूस।
[निष्कर्ष]
इस एनकाउंटर के बाद व्यापारियों और आम जनता ने राहत की सांस ली है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अपराध की राह चुनने वालों का अंजाम या तो जेल की सलाखें होंगी या फिर इसी तरह की कड़ी कार्रवाई।
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